प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक साक्षात्कार में बालाकोट एयरस्ट्राइक से जुड़ी कुछ जानकारी दिए जाने को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि वोट बटोरने के लिए मोदी ने देश की सैन्य शक्ति का मखौल उड़ाया एवं सेना का अपमान किया.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को लोगों का आह्वान किया कि वे राजनीति में मिथ्या प्रचार और नकारात्मकता को अपनी आदत ना बनाएं और बदलाव करने की अपनी ताकत को पहचानें. प्रियंका ने यहां एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा, 'राजनीति में झूठा प्रचार और नकारात्मक बातें आ गयी हैं. हम अगर यहां हैं तो आप जनता की वजह से हैं. आप सबको अपनी ताकत को नहीं भूलना चाहिये. राजनीति में गंदगी और नकारात्मक बातों को अपनी आदत ना बनाएं. आप बदलाव करें. लोकतंत्र ने आपको यह ताकत दे रखी है.'
सपा और बसपा पर जाति विशेष के लिए काम करने का आरोप लगाते हुये भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि भाजपा सरकार ने ‘सबका साथ सबका विकास’ के मंत्र पर आगे बढ़ते हुए, किसी की जाति या धर्म पूछे बिना विकास कार्य किए हैं। बलरामपुर और श्रावस्ती की जनता को संबोधित करते हुये शाह ने कहा 'बुआ और भतीजा पूछते हैं कि मोदी जी ने क्या किया। हमें तो सिर्फ पांच साल हुये हैं, पर आपने 15 साल में क्या किया ? हम यहां जनता को हिसाब देने आये हैं। जातिवादी पार्टियों सपा, बसपा ने प्रदेश में 15 से 20 साल तक शासन किया। सपा सरकार में एक जाति का काम होता था और बसपा सरकार में दूसरी जाति का। भाजपा सरकार ने ‘सबका साथ सबका विकास’ के मंत्र पर आगे बढ़ते हुए, किसी की जाति या धर्म पूछे बिना विकास कार्य किए।'
लोकसभा चुनाव 2019 में की सरगर्मियों के बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने बीते 2 साल में सीलिंग करवाकर लोगों के धंधे बंद करवाये. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार अब दिल्ली की कच्ची कॉलोनी तुड़वाने का प्लान बना चुकी है. इसके अवावा, केजरीवाल ने प्रियंका गांधी को लेकर कहा कि वह दिल्ली में अपना समय बर्बाद कर रही हैं.
बिहार के पटना साहिब संसदीय सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद तथा महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा के बीच का मुकाबला दिलचस्प होने जा रहा है। रविशंकर प्रसाद के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को रोड शो करने जा रहे हैं। उधर, शत्रुघ्न सिन्हा के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव तथा हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सुप्रीमो जीतन राम मांझी मोर्चा संभालेंगे।
लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में बिहार की पांच सीटों (सीतामढ़ी, मधुबनी, सारण, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर) के लिए वोट डाले जा रहे हैं। पांचवें चरण में सारण को छोड़कर, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच सीधी टक्कर है, अन्य सभी सीटों पर क्षेत्रीय या अन्य छोटे दल एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं।
कांग्रेस की नीतियों और शीला दीक्षित सरकार में दिल्ली में हुए विकास कार्यो का प्रचार-प्रसार करने के लिए बनाए गए पार्टी के विजय रथ पर चुनाव आयोग ने ब्रेक लगा दिया है। अनुमति नहीं मिलने के कारण यह रथ प्रदेश पार्टी कार्यालय में ही धूल फांक रहे हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की न्याय स्कीम और 15 सालों के दौरान कांग्रेस सरकार द्वारा दिल्ली में कराए गए विकास को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सातों लोकसभा क्षेत्रों के लिए सात विजय रथ बनवाए थे।
शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी एक बार फिर चर्चाओं में है. मंगलवार को उन्होंने कहा कि अगर साल 2019 में नरेंद्र मोदी दोबारा देश के प्रधानमंत्री नहीं बने, तो मैं अयोध्या में राम मंदिर के गेट के पास जाकर आत्महत्या कर लूंगा. रिजवी ने जारी किए गए अपने बयान में कहा कि राष्ट्र हर मजहब से ऊपर होता है.
लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर तीन चरणों का चुनाव संपन्न हो चुके हैं. 29 अप्रैल को चौथे चरण के लिए वोटिंग होगी. इस सबके बीच उत्तर प्रदेश के वाराणसी की सीट चर्चा का विषय बनी हुई है. आज (शुक्रवार को) ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां से नामांकन दाखिल किया. नामांकन से पहले उन्होंने शहर में रोड शो भी किया. वाराणसी लोकसभा सीट से प्रियंका गांधी की संभावित उम्मीदवारी को लेकर भी बाजार गर्म रहा. प्रियंका खुद कई मौके पर बोल चुकी थी कि अगर पार्टी कहेगी तो वह यहां से चुनाव लड़ेगी. लेकिन उनके नाम की घोषणा नहीं हुई.
पटियाला लोकसभा सीट पर पहली बार 1952 में आम चुनाव हुआ था. जिसमें कांग्रेस की जीत हुई थी, तब से 1971 तक कांग्रेस लगातार इस सीट पर जीत हासिल करती रही. हालांकि 1977 में अकाली दल का कब्जा पटियाला सीट पर हुआ था. लेकिन 1980 में यह फिर से कांग्रेस के पास चलली गई. जिसमें कैप्टन अमरेंद्र सिंह सांसद बने थे.